यहाँ सर्च करे

Tags:

अनंत चतुर्दशी का व्रत है इस दिन, जानें पूजा-विधी से लेकर इस व्रत की महिमा


इसमें भगवान अनंत की पूजा की जाती है।

हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को मनाया जाता है। इसमें भगवान अनंत की पूजा की जाती है। इसमें व्रत का संकल्प लेकर अनंत सूत्र बांधा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसको धारण करने से संकटों का नाश होता है।

भगवान कृष्ण की सलाह से पांडवों ने इसका पालन किया और सभी संकटों से मुक्त हुए। इसका पालन करने से और अनंत सूत्र बांधने से इंसान की हर तरह के संकट से रक्षा होती है। साथ ही व्यक्ति की जिंदगी सुख समृद्धि से भर जाती है। बता दें इस बार अनंत चतुर्दशी का पर्व 23 सितंबर को है।

अनंत चतुर्दशी के दिन कैसे-कैसे लाभ हो सकते हैं:

– दरिद्रता का नाश होता है

– दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य की समस्याओं से रक्षा होती है

– विशेष मनोकामनाएं पूरी होती हैं

– ग्रहों की बाधा से मुक्ति मिलती है

– अनंतसूत्र बांधने से यह रक्षा कवच की तरह काम करता है।

क्या है अनंत चतुर्दशी व्रत की पूजा विधी:

– सुबह उठते ही स्नान करके व्रत का संकल्प लें

– इसके बाद कलश पर भगवान विष्णु की स्थापना करें

– उनके सामने 14 गांठों से युक्त अनंतसूत्र रखें

– “ॐ अनन्ताय नमः” के मंत्र जप के साथ भगवान विष्णु और अनंतसूत्र की पूजा करें

– इसके बाद पुरुष इसको दाहिनी भुजा में और स्त्रियां बाईं भुजा में धारण करें

– व्रत की कथा सुनें और दूसरों को सुनाएं

– सायंकाल में भगवान विष्णु की पुनः पूजा करें

– रात को बिना नमक के मीठी चीज़ का सेवन करें।

अनंत चतुर्दशी को गणेश जी की मूर्ति के विसर्जन का महत्व, जानें:

– भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से चतुर्दशी तिथि तक भगवान गणेश की पूजा के लिए गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है

– श्री गणेश प्रतिमा की स्थापना चतुर्थी को की जाती है और विसर्जन चतुर्दशी को किया जाता है

– माना जाता है कि प्रतिमा का विसर्जन करने से भगवान गणेश पुनः कैलाश पर्वत पर पहुंच जाते हैं

– स्थापना से ज्यादा विसर्जन का ज्यादा महत्तव होता है. इस दिन अनंत शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं।

गणेश जी की मूर्ति विसर्जन के वक्त घर में सुख समृद्धि के लिए करे ये काम:

– घर में स्थापित प्रतिमा का विधिवत पूजन करें

– पूजन में नारियल, शमी पत्र और दूब जरूर अर्पित करें

– उसके बाद भगवान गणेश की विधिवत आरती करें

– भगवान गणेश को समर्पित अक्षत घर में अवश्य बिखेर दें ।


Tags::