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क्या अपर्णा यादव के इस ताजा बयान से अखिलेश यादव के लिए खड़ी होगी मुसीबत?


सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह की छोटी बहू ने अपने ताजा बयान से सूबे की सियासत को गरमा दिया है।

बाराबंकी स्थित देवा शरीफ दरगाह पर पहुंचीं अपर्णा यादव ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनना ही चाहिए। अपने इस बयान के साथ ही अपर्णा ने यह भी साफ कर दिया कि वो भाजपा के साथ नहीं बल्कि भगवान राम के साथ हैं।

सपा के टिकट पर 2017 यूपी विधानसभा का चुनाव लड़ चुकी अपर्णा ने कहा, “अयोध्या, राम जन्मभूमि है। ऐसा हमारे रामायण में लिखा है। वहां राम मंदिर का निर्माण होना ही चाहिए। ” हालांकि, अपर्णा का बयान अखिलेश यादव के लिए ज्यादा परेशानी का सबब नहीं है, क्योंकि उन्होंने इस दौरान अपने राजनीतिक पसंद-नापसंद का भी एलान कर दिया।  2019 में लोकसभा चुनाव के मैदान में उतरने को लेकर जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वो चाचा शिवपाल सिंह यादव की पार्टी से चुनाव लड़ेंगी।

हालांकि, इसके साथ ही एक सवाल के जवाब में अपर्णा यादव ने दो टूक कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद उनके साथ है।

देवा शरीफ में चादर चढाने के बाद अपर्णा ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चे की दावत में शिरकत की।  अपर्णा के बयान पर जब शिवपाल यादव के बेटे और समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के नेता आदित्य यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने इसे अपर्णा का निजी बयान बताया।

खास बात ये है कि सपा ने कभी भी मंदिर के निर्माण का खुलकर समर्थन नहीं किया है, बल्कि जब अयोध्या में 1990 में कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं, तब अपर्णा यादव के ससुर मुलायम सिंह यादव यूपी के सीएम थे। दिलचस्प बात ये है कि अपर्णा का ये बयान ऐसे समय आया है जब अखिलेश यादव इटावा में विष्णु मंदिर बनाने की बात कर रहे हैं।