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राम मंदिर पर मुलायम की बहू का बड़ा बयान, बोली- रामायण में राम जन्म…


राम मंदिर पर अपर्णा यादव का बेबाक अंदाज सबको चौका रहा है। बता दें अपर्णा यादव ने पार्टी लाइन से हटकर ये बड़ा बयान दिया है

देश के सबसे बड़े सूबे की राजनीति में अपना नाम कमा चुकें सुप्रिमो मुलायम सिंह अब भाई शिवपाल और बेटे अखिलेश के बीच फंस कर रह गए है। उन्हें कभी अखिलेश के साथ तो कभी शिवपाल के साथ मंच साझा करते हुए देखा जाता है। बहरहाल राज्य में सबसे बड़े राजनीतिक परिवार ने समाजवादी पार्टी से खूब नाम कमाया लेकिन अब मुलायम की बहू जो कभी सामने नहीं आती थी, वो अब अपने तेवर से सबको चौका रही है। बात छोटी बहू अपर्णा यादव की, जिन्होंने एक बार फिर पार्टी लाइन से हट कर सबको हैरत में डाल दिया है।

हाल ही में अपर्णा ने कहा था कि 2019 के चुनाव में शिवपाल का अलग लड़ना काफी असर डालेगा, और अगर उन्हें चुनाव लड़ने का मौका मिला तो अखिलेश या शिवपाल में से तो वह अपने चाचा शिवपाल और नेता जी मुलायम सिंह यादव को चुनेंगी। सहीं वैसे ही अपर्णा का ये बेबाक अंदाज बाराबंकी में भी जारी रहा, जहां उन्होंने पार्टी लाइन से अलग होकर राम मंदिर पर बड़ा बयान दिया है।

अपर्णा यादव ने बोला कि राम मंदिर बनना चाहिए और वह राम मंदिर के पक्ष में है।

बता दें अपर्णा यादव बुधवार को बाराबंकी के देवा शरीफ में थी। जहां उनसे पूछे गए सभी सवालों पर उन्होंने अपनी बेबाक राय रखी। अपर्णा से जब पूँछा गया कि शिवपाल यादव के अलग होने से क्या 2019 के चुनाव में असर पड़ेगा? तो अपर्णा ने कहा कि पारिवारिक खींचतान के चलते 2017 का चुनाव प्रभावित हुआ था और 2019 के चुनाव में भी इसका असर जरूर पड़ेगा क्योंकि चाचा जी का भी पार्टी को माजबूत करने का योगदान कम नहीं रहा है। पार्टी को उन्होंने भी काफी मेहनत से मजबूत किया था। मगर अभी 2019 में काफी समय है तो देखिए आगे क्या होता है।

किसके साथ लड़ेंगी चुनाव?

अपर्णा यादव से जब 2019 में चुनाव लड़ने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वो शिवपाल जी के सिम्बल से लड़ना पसंद करेंगी। वो अपने चाचा शिवपाल जी के साथ रहना चाहेंगी। हालांकि आपको बता दें कि अपर्णा ने मुलायम सिंह यादव का भी नाम लिया और कहा की वो बड़ों के साथ ही रहना चाहेंगी।

राम मंदिर पर पार्टी लाइन से हटकर बोली अपर्णा

राम मंदिर पर अपर्णा यादव का बेबाक अंदाज सबको चौका रहा है। बता दें अपर्णा यादव ने पार्टी लाइन से हटकर ये बड़ा बयान दिया है। अपर्णा ने कहा कि जो न्यायालय का निर्णय आया है कि जनवरी में इसकी सुनवाई होगी तो हमें इसका इंतजार करना चाहिए। मैं चाहती हूँ कि राम मंदिर बने।

अपर्णा से जब पूछा कि क्या मस्जिद नहीं बनना चाहिए? तो इस पर अपर्णा ने कहा कि मैं तो मंदिर के पक्ष में हूँ क्योंकि रामायण में भी राम जन्मभूमि का उल्लेख आता है। आखिर में जब उनसे गया कि क्या वो बीजेपी के साथ है? तो इस उन्होंने कहा कि वो सिर्फ राम के साथ हैं।


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