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जन्मदिन स्पेशल: अपना 86वां जन्मदिन मना रहे है पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, उनके वो 5 काम जिन्होंने किया नाम, जानें


मनमोहन सिंह के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने उन्हें बधाई दी।

नई दिल्ली : देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह अपना आज 86वां जन्मदिन मना रहे है। मनमोहन यूपीए-1 में एक बार तो यूपीए-2 में भी लगातार एक बार और देश के प्रधानमंत्री रहे। आज उनके जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने उन्हें बधाई दी।

 

वैसे तो हर नेता की तरह उन पर भी सत्ता में रहते हुए खूब आरोप लगे परंतु उन्होंने कुछ ऐसे कदम भी उठाए जो उनका नाम कर गई और तो और देश में एक बदलाव भी उनके इन महत्वपूर्ण उठाए गए कदम से आया। उनके द्वारा कई ऐसी योजना आज देश में नाम कमां रही है।

बता दें कि आज सुप्रीम कोर्ट ने जिस आधार कार्ड पर आज अपना फैसला सुनाया है वो आधार कार्ड को लाने वाले मनमोहन सिंह ही थे। और जहां देश के बाहर यूएन ने भी इस योजना की तारीफ की थी। ऐसा ही कई योजना है और देश हित में काम है जो मनमोहन सिंह को खास बनाते है।

90 का समय जब मनमोहन ने बचाया

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का नाम आते ही पहले 90 को दशक याद आता है जब देश की इकोनॉमी की हालत खराब थी, जब देश हर जगह जूझ रहा था। तो उस समय मनमोहन सिंह थे जो आर्थिक उदारीकरण की रूपरेखा लेकर आए थे।

भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व बाजार से जोड़ने के बाद उन्होंने आयात और निर्यात के नियम भी सरल किए जिससे लाइसेंस और परमिट बहुत छोटी बात लगने लगी। वहीं घाटे में चल रही पीएसयू के लिए अलग से नीतियां बनाईं और अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटाई।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की देन आधार

अपने कार्यकाल में आधार योजना को लेकर आए थे पूर्व पीएम मनमोहन, जो की . देश के हर व्यक्ति को पहचान देने और प्राथमिक तौर पर प्रभावशाली जनहित सेवाएं उस तक पहुंचाने के लिए इसे शुरू किया था। इस योजना की संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) द्वारा सराहना भी करी गई थी। जब यूएन की ओर से कहा गया था कि आधार स्कीम भारत की शानदार स्कीम है।

मनरेगा का नाम तो सुना ही होगा

जब मनमोहन सिंह पीएम थे तो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी (MNREGA) को लेकर आए थे। बेरोजगार युवा और बेरोजगारी देश में जब यह योजना काफी लाभदायक साबित हुई थी। विशेषज्ञों ने इसकी तारीफ की। योजना के तहत साल में 100 दिन का रोजगार और न्यूनतम दैनिक मजदूरी 100 रुपये तय की गई। खास बात यह भी है कि इसके तहत पुरुषों और महिलाओं के बीच किसी भी भेदभाव की अनुमति नहीं दी गई थी।

राइट टु एजुकेशन मनमोहन ने बताया

वो दौर मनमोहन सिंह के कार्यकाल का ही था जब राइट टु एजुकेशन मतलब की सबको शिक्षा का अधिकार अस्तित्व में आया था। RTE के तहत 6 से 14 साल के बच्चे को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया गया और कहा गया कि इस उम्र के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा दी ही जाएगी। यह योजना भी बदलाव का वाहक बनी। तमाम विशेषज्ञों ने इसकी तारीफ करी।

अमेरिका संग न्यूक्लियर डील भी शामिल

ये डील थी जिससे भारत एक न्यूक्लियर हथियारों के मामले में पावरफुल देश बनकर उभरा , बता दें कि UPA सरकार में अमेरिका संग न्यूक्लियर डील भी शामिल है मनमोहन सिंह के कार्यो में और आज पड़ोसी देश जब खतरे बने हुए हो तो आज उस शुरुआत की जो मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शुरु हुई थी उसका बहुत महत्व रह जाता है।


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