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दीपावली: जानें क्यों और किस प्रकार इस दिन जलाते हैं ‘दीया’


दिवाली के एक दिन का पहले का दिन सौन्दर्य प्राप्ति और आयु प्राप्ति का होता है। इस दिन आयु के देवता यमराज की उपासना की जाती है और सौन्दर्य प्राप्ति का प्रयोग किया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण की उपासना भी की जाती है क्योंकि इसी दिन उन्होंने नरकासुर का वध किया था।

कहीं-कहीं पर ये भी माना जाता है की आज के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। जीवन में आयु या स्वास्थ्य की अगर समस्या हो तो इस दिन के प्रयोगों से दूर हो जाती है।

जानें, इस दिन का संबंध स्नान और सौंदर्य से किस प्रकार है?

 

– इस दिन प्रातःकाल या सायंकाल चन्द्रमा की रौशनी में जल से स्नान करना चाहिए

 

– इस दिन विशेष चीज़ का उबटन लगाकर स्नान करना चाहिए

 

– जल गर्म न हो, ताजा या शीतल जल होना चाहिए

 

– ऐसा करने से न केवल अद्भुत सौन्दर्य और रूप की प्राप्ति होती है, बल्कि स्वास्थ्य की तमाम समस्याएं भी दूर होती हैं

 

– इस दिन स्नान करने के बाद दीपदान भी अवश्य करना चाहिए

 

जानें, नरक चतुर्दशी पर दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार दीपक जलाएं?

 

– नरक चतुर्दशी पर मुख्य दीपक लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए जलता है

 

– इसको यमदेवता के लिए दीपदान कहते हैं

 

– घर के मुख्य द्वार के बाएं ओर अनाज की ढेरी रखें

 

– इस पर सरसों के तेल का एक मुखी दीपक जलाएं

 

– दीपक का मुख दक्षिण दिशा ओर होना चाहिए

 

– अब वहां पुष्प और जल चढ़ाकर लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें

 

जानें, नरक चतुर्दशी पर कर्ज मुक्ति के लिए किस प्रकार दीपक जलाएं?

 

– रात्रि में हनुमान जी के सामने घी का दीपक जलाएं

 

– इसके बाद हनुमान जी को उतने लड्डू का भोग लगाएं जितनी आपकी उम्र है

 

– फिर हनुमान जी के समक्ष बैठकर 9 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें

 

– अगले दिन सुबह सारा प्रसाद बच्चों में बांट दें, या गाय को खिला दें

 

जानें, नरक चतुर्दशी पर हर प्रकार के बाधा नाश के लिए किस प्रकार दीपक जलाएं?

 

– शाम के समय भगवान कृष्ण के समक्ष घी का एक चौमुखी दीपक जलाएं

 

– इसके बाद उन्हें पंचामृत का भोग लगाएं

 

– “ॐ क्लीं कृष्णाय नमः” का कम से कम 3 माला जाप करें

 

– इसके बाद जिस भी तरह की बाधा जीवन में आ रही हो , उसके नाश की प्रार्थना करें

 

– तीन बार शंख बजाएं और पंचामृत ग्रहण करें