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जयंती स्पेशल: पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन की 5 बड़ी बातें !


पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देख को कई अनमोल गिफ्ट दिए हैं लेकिन उनकी मौत आज भी किसी रहस्य से कम नहीं है। जानिए उनके जीवन की कुछ बातें।

25 दिसंबर के दिन विख्यात संघ विचारक पंडित दीन दयाल उपाध्याय की 102वीं जयंती पूरे देश ने हर्षोल्लास से मनाई। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके नाम पर अनेक योजनाएं चालू की हैं। आपको बता दें कि पंडित दीन दयाल की मृत्यु को 50 वर्ष से अधिक का समय हो गया है लेकिन उनके मौत के कारण का रहस्य अभी भी रहस्य बना हुआ है। चलिए आज उनकी जयंती पर हम आपको बताते हैं उनसे जुड़ी 5 बड़ी बातें।

  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय संघ विचारक और भारतीय जनसंघ पार्टी के सह-संस्थापक के साथ जनता पार्टी के अग्रदूत हैं।
  • भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी थी।
  • 11 फरवरी 1968 को मुगल सराय रेलवे स्टेशन पर दीनदयाल उपाध्याय का शव मिला। इस रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अब पंडित दीनदयाल स्टेशन रखा गया था।
  • दीनदयाल उपाध्याय के शव की पॉकेट में प्रथम श्रेण का टिकट नं 04348 रिजर्वेशन रसीद नं 47506 और 26 रुपए बरामद हुए।
  • साल 1963 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने पहली और आखरी बार चुनावी मैदान में अपना जोर आजमाया। नतीजा निराशा जनक रहा और वह हार गए।

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