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नमाज़ कहीं भी पढ़ा जा सकता लेकिन पूजा केवल मंदिर में


मस्जिद में नमाज पढ़ने का मामला मे निर्मोही अखाड़ा की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा लड़ रहे महंत रामदास ने अपने बयान मे ये कहा कि नमाज़ कहीं भी पढ़ी जा सकता है लेकिन पूजा केवल मंदिर में किया जा सकता है

फैजाबाद: मस्जिद में नमाज पढ़ने का मामला मे निर्मोही अखाड़ा की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा लड़ रहे महंत रामदास ने अपने बयान मे ये कहा कि नमाज़ कहीं भी पढ़ी जा सकता है लेकिन पूजा केवल मंदिर में किया जा सकता है । सभी पक्ष को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार 28 सितंबर को आ सकता है फैसला, 20 जुलाई को सुरक्षित हुआ था फैसला।




प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यों की बेंच 28 सितंबर शुक्रवार को इस मामले में फैसला सुना सकती है, मुमकिन है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को संवैधानिक पीठ को भी भेज सकता है।

शिया वक्फ बोर्ड ने अदालत में अगस्त 2017 में कहा था कि जमीन के जिस हिस्से में मस्जिद थी वहां राम मंदिर बनवाया जा सकता है. इसके बाद नवंबर 2017 में शिया वक्फ बोर्ड ने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में और मस्जिद लखनऊ में बना लेना चाहिए।


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