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स्किन कैंसर के इलाज के लिए मददगार है नई थेरेपी


वैज्ञानिकों ने एक ऐसे अणु की पहचान की है जिसका समावेश त्वचा कैंसर के विरुद्ध प्रतिरोधक तंत्र की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए कैंसर टीके में किया जा सकता है।

वैज्ञानिकों ने एक ऐसे अणु की पहचान की है जिसका समावेश त्वचा कैंसर के विरुद्ध प्रतिरोधक तंत्र की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए कैंसर टीके में किया जा सकता है। पीएनएएस पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार डाइप्रोवोसिम नामक इस अणु को वर्तमान टीके में मिलाने पर कैंसर के खिलाफ संघर्ष करने वाली कोशिकाएं ट्यूमर के स्थान पर पहुंच सकती हैं।

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि मेलानोमा से पीड़ित चूहे पर प्रयोग से पता चला कि इस उपचार से उन मामलों में मरीज के स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है जहां केवल दवा देने से काम नहीं चलता है। मेलानोमा एक प्रकार का त्वचा कैंसर है जो मेलानोसाइट्स नामक वर्णक उत्पादक कोशिकाओं के उत्परिवर्तित एवं कैंसरकारी होने पर पैदा होता है।

अमेरिका के स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रोफ़ेसर डेल बोगर ने कहा, ”यह सह उपचार मेलानोमा के इलाज में पूरी तरह असरकारी रहा।’’ अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक अगर ट्यूमर कोशिकाएं फिर से उभरने की कोशिश करती हैं तो यह टीका प्रतिरोधक तंत्र को उनसे लड़ने में भी प्रेरित करता है। इस तरह यह जो कैंसर को फिर से हमला करने से रोकता है।

आपको बता दें कि हाल ही में वैज्ञानिकों ने कैंसर से गंभीर रूप से जूझ रहे एक शख्स के इलाज के लिए पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल सफलतापूर्वक किया और इससे बीमारी को बढ़ने से पूरी तरह रोक दिया। इसके लिए वैज्ञानिकों ने क्यूरेट एआई नाम की कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली का इस्तेमाल किया जिससे मरीज पूरी तरह सामान्य और सक्रिय जीवनशैली को फिर से शुरू करने में सक्षम हो सका।


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