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यूपी में महिला पुलिस कांस्टेबल ने की आत्महत्या, जानें क्यों पुलिसकर्मी कर रहे ऐसा?


महिला पुलिस कांस्टेबल ने कथित तौर पर कोतवाली इलाके में अपने कमरे की छत से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली हैं।

उत्तर प्रदेश में पुलिस आत्महत्या की घटना बढ़ती ही जा रही हैं। अभी कुछ दिनो पहले कानपुर के SSP पद पर तैनात सुरेद्र दास ने जहर खाकर आत्म हत्या कर ली थी ।

अब खबर हैं कि मुजफ्फर नगर में तैनात महिला पुलिस कांस्टेबल ने कथित तौर पर कोतवाली इलाके में अपने कमरे की छत से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली हैं। एसएचओ डीके त्यागी के अनुसार अनीता सिंह का शरीर साकेत इलाके में अपने कमरे की छत से लटका पाया गया था।

बता दें कि अलीगढ़ की रहने वाली अनीता सिंह 2016 में उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो गई थीं और वर्तमान में कोतवाली पुलिस स्टेशन में तैनात थीं। पुलिस ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और इस मामले की जांच की जा रही है।

एक के बाद एक आत्महत्या कर रहे पुलिसकर्मी-

गौरतलब है कि 04 Sep 2018 को कानपुर के SSP सुरेंद्र दास की आत्महत्या करने की खबर पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। सुरेद्र दास को 5 दिनो तक वेंटिलेटर पर रखा गया था, जिसके बाद उनकी मृत्यू हो गयी थी। जिसकी जांच अभी चल रही हैं।

इसी प्रकार 29 मई 2018 को भी यूपी पुलिस के पीपीएस अधिकारी और उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (यूपी एटीएस) में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात राजेश साहनी ने भी गोली मारकर आत्महत्या की थी। फिलहाल आत्महत्या करने के कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया है। इसकी जाच सीबीआई को सौंप दी गई है।

इस तरह एक के बाद एक आत्महत्या पुलिसकर्मी कर रहे है लेकिन इस पर अभी सरकार चुपी साधी हुई है ।

क्या 24 घंटे की ड्यूटी के कारण पुलिसकर्मी कर रहे आत्महत्या?

IPS सुरेंद्र दास की आत्महत्या के बाद पत्रकारो से बात करते हुए यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने कहा था कि पुलिस कर्मी भी तो आखिर इंसान ही है। आइपीएस से लेकर सिपाही तक के जीवन में भी तमाम ऐसी चीजें सामने आती है कि तनाव की स्थिति बनना स्वाभाविक है जिसमें 24 घंटे की ड्यूटी भी एक कारण है, लेकिन हम फिर भी ड्यूटी की अवधि की परवाह किए बिना अपना फर्ज निभाते हैं।
हालांकि तनाव को लेकर विभाग को विचार की जरूरत है ताकि इसे कम किया जा सके क्योंकि इन्हीं तनाव के कारण हम राजेश साहनी जैसे जांबाज ऑफिसर को खो चुके हैं।


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