April Fool : ख़ुद भी हंसे और लोगों को भी हंसाये

1 April को April Fool के नाम से ही जाना जाता है। बचपन से आपने भी यही सुना होगा कि इसदिन लोगों से झूट बोलो या सच लेकिन उन्हें हंसाओं। इस वजह से लोग दोस्तों को गलत जानकारी देकर या कोई झूट बोल कर परेशान करतें है और उस पर खूब हंसते हैं। इसकी शुरूआत कब और क्यों हुई इसके बारे में कोई खास जानकारी नहीं है। भारत में ही नहीं इस दिन को दुनिया में अधिकतर जगहों पर मनाया जाता है।

1अप्रैल को अप्रैल फूल डे या मूर्ख दिवस के तौर पर भी लोग जानते हैं। दिन कोई भी हो बस यही ध्यान में रखें कि हसना सेहत के लिए बहुत अच्छा और फायदेमंद हैं। कई शोध में ये साबित किया गया है कि हंसी-ठहाके लगाने, मजाक करने वाले और जिंदादिल स्वभाव वाले लोगों की सेहत गंभीर, उदास और अवसादग्रस्त रहने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा अच्छी रहती है। खुश रहने से आपकी उम्र भी लम्बी होती है और पर्सनल, प्रोफेशनल लाइफ भी कामयाब रहती है।

जानें, हंसने के फायदे :

  1. हर रोज 10-15 मिनट खुलकर हंसने से आपका दिल हेल्दी रहता है और धमनियों में ब्लॉकेज या उनके संकरे होने का जोखिम घटता है। बता दें कि 15 मिनट की हंसी का उतना ही वेस्कुलर इफेक्ट है, जितना आधा घंटा जिम में बिताने या स्टेटिन की टेबलेट लेने का है।
  2. ज़ोर ज़ोर से हंसने पर हमारे फेफड़ों से काफी हवा बाहर आ जाती है और फ्रेश एयर के लिए स्पेस बनता है। जिससे आपको सुस्ती महसूस नहीं होती।
  3. हंसने से चेहरे की 15 मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है और साथ ही चेहरे की एक्सरसाइज भी हो जाती है। जिससे चेहरे की स्किन में कसावट बनी रहती है और जल्दी झुर्रियां नहीं पड़ती हैं। अगर आप चाहते हैं कि आप की उम्र कम दिखे तो खुल कर हंसिये।
  4. हंसना एक तरह की फिजिकल एक्सरसाइज भी है। हंसने से हार्ट रेट बढ़ने के साथ-साथ मेटाबॉलिज्म भी इंप्रूव होता है। साथ ही कैलोरी बर्न होती है और आप रहते है स्लिम। इसलिए मोटापे से बचने के लिए खूब हंसे।
  5. सभी जानते हैं कि हंसने से तनाव दूर होता है। साथ ही शरीर में कार्टिसोल और एपिनेफ्रिन जैसे स्ट्रेस हार्मोंस का लेवल भी कम होता है और हैप्पी हार्मोंस जैसे सेरोटोनिन और ऑक्सीटोसिन भी रिलीज होते हैं, जिससे ख़राब मूड ठीक हो जाता है।
  6. एक अध्ययन में ये भी पाया गया कि रोज़ हंसने वाले टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में खाने के बाद वाला शुगर लेवल कम हो सकता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि हंसी का न्यूरोएंडोक्राइन सिस्टम पर प्रभाव पड़ता है। यही सिस्टम ग्लूकोज के लेवल को रेगुलेट करता है।

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