नवरात्रि के छठ तिथि में कात्यायनी देवी के दर्शन का है ख़ास महत्व

बासंतिक नवरात्रि में आज़ छठ तिथि का बहुत मान है। बासंतिक नवरात्रि में गौरी के दर्शन का विधान है। नवरात्र के छठ तिथि में कात्यायनी देवी का दर्शन किया जाता है। सुबह से ही मां कात्यायनी देवी के दर्शन को श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचने लगते हैं। श्रद्धा और आस्था के लिए मंदिर पर भक्तो के आने का सिलसिला लगातार जारी रहता है।

धुप दीप नैवैद्य, नारियल, पुष्प को मां के चरणों में अर्पित करके भक्त आनंद की अनुभूति करते हैं। माता को हल्दी और कुमकुम चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है खास तौर से माता को हल्दी और कुमकुम का लेपन करने से कुवांरी कन्याओं को मन चाहा वर मिलता है। मन में अपार श्रद्धा लिए आने वाले कुछ भक्त कतारों में लग कर अपनी बारी की प्रतीक्षा करते हैं और माता के दरबार पहुंच कर शीश नवा कर सुख शांति की कामना करते हैं।

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