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दो साल बाद भी नोटबंदी पर विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा, केजीरवाल बोले- नोटबंदी तो…


8 नवंबर यानी जब नोटबंदी हुई थी। जब रातों रात 500 और 1000 के नोट मात्र भर कागज के तुकड़े बन कर रह गए थे। आज फिर वो ही दिन है मगर साल 2018 है। ये नोटबंदी 8 नवंबर 2016 में हुई थी और आज इसे दो साल पूरे हो गए है। जहां केंद्र सरकार इसकी तारीफ कर रही है तो वहीं विपक्षी दल हमलावर हैं। और ऐसा ही कुछ हाल आम जनता का भी है मसलन दो साल बीत जाने के बाद भी लोगों की नोटबंदी पर मिली जुली प्रतिक्रिया है।

देश में चुनाव का माहौल है, हर एक नेता दूसरे नेता पर कीचड़ उछालने की सोच रहा है। ऊपर से आज का दिन भी नोटबंदी वाला तो इस राजनीति में प्रधानमंत्री तक भी कठघरें में है। विपक्ष में बैठी सबसे पार्टी कांग्रेस हो या तृणमूल कांग्रेस या फिर दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP)सब आज के दिन को बेहद हमलावर दिखे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा- ‘हालांकि, मोदी सरकार के वित्तीय घोटालों का कोई अंत नहीं है। नोटबंदी भी उन्हीं में से एक है, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक दर्द दिया है।…दो साल भी नोटबंदी एक मिस्ट्री है, जिसने देश को बर्बादी की ओर ढकेला है।’

अरविंद केजरीवाल क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममत बनर्जी से लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की नोटबंदी पर आलोचना भी काफी दूर तक गूंजी। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक ट्वीट कर नोटबंदी की ‘कीमत’ बताई है। शशि थरूर ने इस दिन को आपदा बताते हुए #DemonetisationDisasterDay के नाम से ट्वीट किया। इसमें उन्होंने कहा है- ‘नोटबंदी के कारण नए नोट छापने पर 8 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया, 15 लाख लोगों की नौकरी गई, 100 लोग जान से हाथ धो बैठे और जीडीपी में डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

क्या पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का बयान और क्या ममत बनर्जी का ‘DarkDay’ सबने ही आज नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर केंद्र को घेरा।

क्या कहता है भारतीय रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्ष 2016-17 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि बंद किए गए एक हजार और पांच सौ के करीब एक फीसद नोट वापस हमारी प्रणाली में आ गए हैं। भारत सरकार ने आठ नवंबर, 2016 को एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए थे।


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