फीफा में कैसा रहा एशियाई टीमों का प्रदर्शन, इस बार इन टीमों पर होगी ख़ास नजर

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FIFA 2018: इस बार ये एशियाई टीमें ले रही हैं हिस्सा- जानिए ख़ास बातें

नई दिल्ली: फुटबॉल का महासंग्राम FIFA विश्व कप कल से शुरू होने वाला है। फीफा विश्व कप में वैसे तो यूरोप और दक्षिण अमेरिका का दबदबा रहता है। वो इसलिए क्यूंकि जो 32 टीमें खेलेंगे उनमे से सिर्फ आठ टीमों के बीच ही विश्व कप ट्रॉफी बंटी है। फीफा में देखा गया है कई एशिया की भागीदारी तो रहती है, लेकिन दावेदारी में एशियाई टीमें पिछड़ जाती हैं। हालांकि 2002 में दक्षिण कोरिया ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। वहीँ पिछली बार 2014 में ब्राज़ील में हुए फीफा विश्व कप में एशिया की चार टीमों ने हिस्सा लिया था। इस बार भी चार टीमें भाग ले रही हैं जिनमें ईरान, दक्षिण कोरिया, जापान और सउदी अरब शामिल हैं। एशियाई टीम के लिए विश्व कप बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होने वाला है।

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आइये जानते हैं इन एशियाई टीमों के अबतक के ओवरऑल प्रदर्शन पर :-

दक्षिण कोरिया:-

दक्षिण कोरिया ने सबसे पहले 1954 में फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया था। जबकि दक्षिण कोरिया को 2002 में जापान के साथ संयुक्त रूप से विश्व कप की मेजबानी करने का गौरव भी हासिल हुआ था। इस बार दक्षिण कोरिया के ग्रुप में जर्मनी, मैक्सिको और स्वीडन शामिल हैं। टीम की कमान सुंग युइंग संभाल रहे हैं जिनका यह तीसरा विश्व कप है। स्टार स्ट्राइकर सोन हियुंग मिन भी हैं, जिन्होंने इस सीजन में टोटेनहम हॉटस्पर के लिए 18 गोल किए हैं। टीम के पास सुंग युइंग हैं जो सौ मैच खेल चुके हैं। नए कोच शिन तोई यिंग के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। दक्षिण कोरिया का अबतक का श्रेष्ठ प्रदर्शन है 2002 विश कप जब उसने अपनी मेजबानी में सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।

जापान :-

सबसे पहले जापानी टीम 1998 में फीफा विश्वकप खेली थी। रूस में जापान छठी बार खेलेगा। इस बार जापान के ग्रुप में कोलंबिया, पोलैंड और सेनेगल हैं। समुराई के नाम से मशहूर टीम ने 2002 में प्री क्वार्टर में हिस्सा लिया था। इजि कावाशिमा, केईयुस्के होंडा, युटो नागाटूमो, शिंजो ओकाजाकी और कप्तान माकोटो हासेबे पर बड़ी जिम्मेदारी है। टीम का ग्रुप मुश्किल माना जा रहा है लेकिन जापान उलटफेर करने में माहिर है। जापान का अबतक का श्रेष्ठ प्रदर्शन है 2002, 2010 के फीफा विश्कप में जब उसने प्री क्वार्टर में जगह बनाई थी।

ईरान :-

एशिया की श्रेष्ठ रैंकिंग की टीम ईरान है। उसके साथ ग्रुप में पूर्व विश्व चैंपियन और यूरोपियन चैंपियन पुर्तगाल है। सरदार अजमोन श्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। इसके अलावा सईद इजातोल्ही और मिलाद मोहम्मदी को रूस में लीग खेलने के अनुभव का फायदा मिल सकता है। टीम का डिफेन्स काफी मजबूत है, क्वालिफाइंग मैचों में सिर्फ पांच गोल खाए हैं। एशियाई फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) से ईरान ने ही सबसे पहले विश्व कप का टिकट कटाया।

सउदी अरब :-

अब तक चार बार भाग ले चुकी सउदी अरब के ग्रुप में मेजबान रूस, मिस्र और उरुग्वे है। टीम नए कोच जुआन एंटोनिया पिज्जी के हवाले है। कप्तान ओसामा हवसावी के अलावा से ज्यादा उम्मीदें नहीं की जा रही। दूसरे दौर में पहुंचने की उम्मीदें बेहद कम हैं। अब तक टीम ने विश्व कप में 13 मैच खेले हैं जिनमें उसे केवल दो बार जीत मिली है। दो मैच ड्रॉ रहे हैं और नौ में हार मिली है। पिछले दो विश्व कप में टीम क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। टीम के पास मोहम्मद अल सहयावी और याहया अल शेहरी के रूप में दो मजबूत खिलाड़ी हैं।

2014 फीफा विश्वकप से जुड़ी बातें

2014 फीफा विश्वकप ब्राजील में आयोजित किया था। इस विश्कप में फ़ाइनल मुकाबले में जर्मनी ने अर्जेंटीना को हराकर खिताब जीता था। वहीँ मेजबान टीम ब्राजील सेमीफाइनल में जर्मनी के हाथों 1-7 से बुरी तरह हार गई थी। पांच बार के चैंपियन ब्राजील की यह विश्व कप में सबसे से बड़ी हार थी। इस मुकाबले में पीठ में चोट के चलते ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार नहीं खेल सके। वहीं तीसरे स्थान के मुकाबले में भी ब्राजील को नीदरलैंड्स के हाथों 0-3 से हारकर चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था। जबकि गत चैंपियन स्पेन पहले ही दौर में बाहर हो गया था । साथ ही पूर्व विश्व विजेता इटली और इंग्लैंड भी पहले ही दौर में बाहर हो गए थे।

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