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गोवर्धन पूजा: जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधी


आज गोवर्धन पूजा है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को होने वाली गोवर्धन पूजा का खास महत्व होता है। गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन की जाती है।

कई लोग इसे ‘अन्नकूट’ के नाम से भी जानते हैं। अन्नकूट शब्द का अर्थ होता है अन्न का समूह। विभिन्न प्रकार के अन्न को समर्पित और वितरित करने के कारण ही इस उत्सव या पर्व का नाम अन्नकूट पड़ा है। इस दिन अनेक प्रकार के पकवान, मिठाई से भगवान को भोग लगाया जाता है।

अन्नकूट या गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारम्भ हुई। इसमें हिन्दू धर्मावलंबी घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन नाथ जी की अल्पना बनाकर उनका पूजन करते है। उसके बाद गिरिराज भगवान (पर्वत) को प्रसन्न करने के लिए उन्हें अन्नकूट का भोग लगाया जाता है।




गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त:

गोवर्धन पूजा का पहला मुहूर्त- सुबह 6:42 से 8:51 तक

गोवर्धन पूजा का दूसरा मुहूर्त- दोपहर 3:18 से शाम 5:27 तक

इस दिन क्या करें:

– लगभग सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में उठकर शरीर पर तेल मलकर स्नान करें

– स्वच्छ वस्त्र धारण कर अपने इष्ट का ध्यान करें। उसके बाद अपने निवास स्थान या देवस्थान के मुख्‍य द्वार के सामने प्रात: गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाएं।

– फिर उसे वृक्ष, वृक्ष की शाखा एवं पुष्प इत्यादि से श्रृंगारित करें।

– इसके गोवर्धन पर्वत का अक्षत, पुष्प आदि से विधिवत पूजन करें।


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