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उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती के 67,000 आवेदकों को लगेगा झटका, जानें क्यों ?


सहायता प्राप्त माध्यमिक कॉलोजों में प्रशिक्षित स्नातक जीव विज्ञान के 304 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले 67 हजार अभ्यर्थियों का नौकरी पर काले बादल छा गए हैं।

उत्तर प्रदेश के भावी शिक्षकों को तगड़ा झटका लग सकता है। आपको बता दें कि सहायता प्राप्त माध्यमिक कॉलोजों में प्रशिक्षित स्नातक जीव विज्ञान के 304 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले 67 हजार अभ्यर्थियों का नौकरी पर काले बादल छा गए हैं। उनका इस रेस से बाहर होना लगभग तय है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 16 अक्तूबर तक का समय दिया था कि अभ्यर्थी दोबारा ऑनलाइन आवेदन कर सके जिससे इन्हें दूसरे विषय की सूची में रखा जा सके।
लेकिन जीव विज्ञान विषय की अर्हता का निर्धारण नहीं होने के कारण अभ्यर्थी फार्म नहीं भर सके हैं। चयन बोर्ड ने टीजीटी-पीजीटी 2016 के आठ विषयों की भर्ती प्रक्रिया को जुलाई में यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि यह आठों विषय हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के पाठ्यक्रम में शामिल ही नहीं हैं। इनमें सर्वाधिक 67005 अभ्यर्थी टीजीटी जीव विज्ञान के थे।
शासन ने विषय निस्तारण के लिए अपर निदेशक माध्यमिक मंजु शर्मा, सचिव यूपी बोर्ड नीना श्रीवास्तव और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक इलाहाबाद माया निरंजन की समिति गठित की थी। समिति ने अपनी संस्तुति शासन को भेज दी थी। लेकिन वहां से आदेश जारी नहीं होने के कारण इन अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है।
जीतेन्द्र यादव के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने सोमवार को अपर मुख्य सचिव माध्यमिक आलोक सिन्हा और सचिव शासन संध्या तिवारी से मिलकर अपनी मांग रखी। अफसरों ने अभ्यर्थियों को अवसर देने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में सचिव चयन बोर्ड दिव्यकान्त शुक्ला से संपर्क नहीं हो सका।


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