बुराड़ी कांड में हुआ एक नया खुलासा मौत से नहीं बल्कि आत्महत्या से गई है सबकी जान

नई दिल्ली : जहां पिछले कुछ दिनो बुराड़ी केस में अभी तक ये मामला नहीं सुलझ पा रहा था कि आखिर परिवार के सभी सदस्यों के मौत का कारण क्या है। वहीं इन सब के बीच ये खबर भी सामने आ रही हैं कि इन सब की मौत एक महज एक आत्महत्या है। बता दें कि बुराड़ी केस में भाटिया परिवार की आत्महत्या करने वाले मामले में 10 शवों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। पुलिस ने इस मामले में तफ्तीश कि थी जिसमें ये पता चला था कि ये इसमें किसी तंत्र विद्या का हाथ है।

दूसरी तरफ ये भी मामला सामने आया था कि भाटिया परिवार के छोटे बेटे को उसके पिता कि मौजुदगी का ऐहसास होता था जिसकी वजह से उसके पिता जी छोटे बेटे ललित को ये भी बोला था कि अगर मुझसे मिलना चाहते हो तो पूरी परिवार की हत्या कर दो इससे पिता को मोक्ष भी प्राप्त हो जाएगा साथ ही परिवार के सारे सदस्य भी अपने पिता से भी मिल लेंगे। इससे पहले मामले में एक महिला तांत्रिक का भी खुलासा हुआ था।

पुलिस को था बाहर के आदमी पर शक

पुलिस को सदेंह है कि मौत के समय उस घर में कोई बाहर का भी व्यक्ति मौजूद था जिसने इन सब लोगों को मारा है। पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है। जब थोड़ी देर पहले पड़ोसी इस परिवार के लोगों के हाव-भाव में उस रात कोई अंतर नहीं था, कि वो ऐसी किसी वारदात को अंजाम देने वाले है। परिवार के किसी सदस्य का देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि वो सभी इतना बड़ा कदम उठाने वाले है। इस मामले में पहले पुलिस ने कहा था कि लगभग यह मामला वह सुलझा चुकी है।

क्या है पूरा मामला

लेकिन अब ये खबर सामने आ रही है कि इन सब की मौत नहीं हुई बल्कि ये एक आत्महत्या है। पुलिस का कहना है सभी 10 मौतें फांसी लगाने के चलते हुई हैं और किसी के भी शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं। इससे यह साफ हो गया है कि सभी लोगों ने फांसी लगाकर खुदकुशी की है। अभी इस मामले में घर की सबसे बुजुर्ग महिला नारायणी देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। इस मामले में नारायणी देवी की पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट अभी आनी है और उनकी रिपोर्ट पर डॉक्‍टर्स की राय एक नहीं है जिससे इस मामले की पुलिस की जांच उलझ गई है।

दरअसल, नारायणी देवी का शरीर कमरे में जमीन पर पड़ी मिली थी। इनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी डॉक्टर्स की राय मेल नहीं खा रही है। इसीलिए मंगलवार को डॉक्टर्स की टीम ने घर का मुआयना भी किया था। डॉक्टर्स की टीम एक बार फिर आपस में बातचीत करके फाइनल रिपोर्ट देगी, जिससे नारायणी देवी की मौत की असल वजह पता चल पाएगी।

बेटे के ऊपर आती थी पिता कि आत्मा

भाटिया परिवार के पास से बरामद रजिस्टर में ‘भटकती आत्मा’ का जिक्र है। उसमें साथ ही आशंका जाहिर की गई है कि परिवार अगली दीवाली नहीं देख सकेगा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से एक ललित सिंह चुंडावत के शरीर में कथित तौर पर उसके पिता की आत्मा आती थी और इसके बाद वह अपने पिता की तरह हरकतें करता था और नोट लिखवाया करता था।

रजिस्टर में 11 नवंबर , 2017 की तारीख में ललित ने परिवार के ‘कुछ हासिल’ करने में विफल रहने के लिए ‘किसी की गलती’ का जिक्र किया है. उसमें कहा गया है, “धनतेरस आकर चली गयी। किसी की पुरानी गलती की वजह से कुछ प्राप्ति से दूर हो। अगली दीवाली न मना सको। चेतावनी को नजरंदाज करने की बजाय गौर किया करो।”

इन सदस्यों की हुई है मौत

आपको बता दें कि मृतकों की पहचान नारायण देवी (77), उनकी बेटी प्रतिभा (57) और दो बेटे भावनेश (50) और ललित भाटिया (45) के रूप में हुई है। भावनेश की पत्नी सविता (48) और उनके तीन बच्चे मीनू (23), निधि (25) और ध्रुव (15), ललित भाटिया की पत्नी टीना (42) और उनका 15 वर्ष का बेटा शिवम, प्रतिभा की बेटी प्रियंका (33) भी मृत मिले। प्रियंका की पिछले महीने ही सगाई हुई थी और इस साल के अंत तक उसकी शादी होनी थी।

क्या है बुराड़ी केस का मामला

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