तीन वर्ष से पीड़ित महिला के साथ हो रहा था दुष्कर्म परिवार के मान सम्मान के लिए चुप थी महिला, आखिर क्यों?

उत्तराखंड जुर्म

खटिमा : यूपी और बाकि राज्य समेत कई इलाकों में आए दिन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ एक खबर ऐसी भी सामने आई है जिसको सुनने और देखने के बाद आपके होश उड़ जाएंगे साथ ही आपके आंसू नहीं थम पाएंगे।

हाल ही में एक खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है साथ ही आप इस बात पर यकीन नहीं करेंगे कि कोई इंसान कितना मजबूर हो सकता है कि अपने आप को ही एक दरिंदगी के हवाले कर दे। दरअसल, ये मामला है यूपी उत्तराखंड के खटीमा का जहां एक महिला ही अपने परिवार के बलि चढ़ गई। बता दें कि पति की बीमारी के चलते महिला तीन वर्ष से अपने साथ हो रहे अन्याय को सह रही थी।

परिवार की बूरी हालत, सामाजिक मान और पति की बीमारी के आगे बेबस अनुसूचित जाति की एक महिला तीन वर्ष से अपने साथ हो रहे अन्याय पर चुप्पी साधी रही।

हाल के दिनों में कैंसर से जूझ रहे जब उसके पति की मौत हो गई तो महिला ने हिम्मत जुटाकर पुलिस को अपने साथ हुई दरिंदगी बयान की। मामला यूपी से सटे एक गांव का है।

महिला पहली बार जब दरिंदगी की शिकार हुई तो तीन लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया और फोटो एवं वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करते रहे। बाद में एक और व्यक्ति ने महिला के डर का फायदा उठाया। इधर, मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने एक आरोपी से पूछताछ की है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि मंगलवार शाम को तहरीर मिलने के बाद भी अब तक पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है।

अनुसूचित जाति वर्ग से है पीड़ित महिला

मंगलवार शाम को कोतवाली में दी तहरीर में पीड़ित महिला ने बताया कि वह अनुसूचित जाति वर्ग से है। महिला ने बताया कि उसका पति पांच वर्ष से कैंसर से पीड़ित था और घर में ही रहता था।

पति की बीमारी के चलते पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी पर आ गई थी और पशुपालन कर परिवार पाल रही है। महिला का आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले वह गन्ने के खेत में घांस काट रही थी। इसी दौरान वहां पहुंचे गांव के ही तीन लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया और फोटो भी खींच लिए।

इसके बाद वे तीनों उसे फोटो उसके पति को दिखाने और अन्य लोगों में बांटने की बात कहकर ब्लैकमेल कर उसके साथ दुराचार करते रहे। इस बीच एक और व्यक्ति ने भी उसके इस डर का फायदा उठाया और उसने भी उसके साथ दुराचार किया। महिला ने बताया कि 16 जून की रात करीब 10 बजे एक आरोपी उसके घर आया और उसके साथ दरिंदगी करने के साथ ही एक बार फिर उसकी फोटो खींच लिया।

महिला ने कहा कि आरोपियों को उसके बीमार पति के हमेशा घर में ही रहने की बात पता चल गई थी और इसी के चलते उन्होंने एक-दो बार बिस्तर पर पड़े उसके पति का गला दबाकर मारने की कोशिश भी की। साथ ही जाति सूचक शब्द भी कहे।

जब आरोपियों ने दिखाई पीड़ित के पति को कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें

आरोप है कि आरोपियों ने एक दिन उसके पति को उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें दिखा दीं। इससे उसका पति सदमे में आ गया और उसने दवाएं खाना तक छोड़ दिया। कैंसर से जूझ रहे उसके पति की इस सदमे के चलते बीती 14 जुलाई को उसकी मौत हो गई। पीड़िता ने बताया कि अब तक अपने बीमार पति और परिवार की इज्जत की खातिर उसने अपना मुंह बंद रखा था, लेकिन अब जब उसका सुहाग ही नहीं रहा तो अब उसे अपने लिए सिर्फ इंसाफ चाहिए।

पीड़ित महिला का आरोप है कि उसे, उसके बच्चों, देवर और अन्य परिजनों को आरोपियों से जानमाल का खतरा बना हुआ है। इधर, कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि एक आरोपी से पूछताछ की गई है। साथ ही महिला के खींचे गए फोटो और बनाए गए वीडियो की तलाश की जा रही है। सीओ कमला बिष्ट ने बताया कि मामला एससी/एसटी से जुड़ा हुआ है। पूरी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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