मामूली नहीं है नाक से खून बहना हो सकता है ये बड़ी बीमारी का खतरा

नई दिल्ली : नाक से खून बहने के कई कारण हो सकते हैं और अक्‍सर इस समस्‍या के लिए चिकित्‍सा की भी जरूरत नहीं होती है, और कुछ इलाज तो इसके घर पर हो जाते हैं कुछ इलाज तो ये घर पर ही हो जाते हैं। लेकिन अगर चोट लगने के बाद नाक से खून आने की समस्‍या 10 मिनट से अधिक समय तक रहती है और हर दूसरे दिन ऐसी समस्‍या होती है तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।

नाक से खून आने के कारण

नाक से खून आने को नकसीर के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि नकसीर चिंता की बात है, लेकिन शायद ही कभी इससे गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या का संकेत मिलता है। हमारी नाक में कई प्रकार की रक्‍त वाहिकाएं होती है। यह रक्त वाहिकाएं बहुत नाजुक होती है और पतली झिल्ली से ढंकी होती है।

जिस पर नाखून या अन्य प्रकार के चोट से जैसे जोर से नाक साफ करने पर या एलर्जी के कारण सर्दी या फुंसी होने से झिल्ली फट जाती है एवं खून आने लगता है। नाक से खून आना 3 से 10 साल के बच्‍चों के बीच बहुत आम होता है। नाक से खून आने के कई कारण हो सकते हैं और अक्‍सर इस समस्‍या के लिए चिकित्‍सा की भी जरूरत नहीं होती है। लेकिन अगर चोट लगने के बाद नाक से खून आने की समस्‍या 10 मिनट से अधिक समय तक रहती है और हर दूसरे दिन ऐसी समस्‍या होती है तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।

शुष्क हवा

नकसीर के सबसे सामान्य कारणों में से एक शुष्क हवा है। यदि आप शुष्क जलवायु में रहने वाले हैं और केंद्रीय हीटिंग सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको नकसीर का खतरा हो सकता है। गर्मी के कारण खून की ये नलियॉं फैल जाती हैं। इन दो कारकों से नाक की झिल्‍ली शुष्क होकर खून के बहाव और संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील हो जाती हैं। नाक से खून आने की समस्‍या को रोकने के लिए गर्मी से दूर रहें। ड्राई हीट कम होने से नकसीर की आशंका को कम किया जा सकता है। इसके अलावा, नाक को सूखेपन से बचाने के लिए हाइड्रेटेड रहने और पर्याप्‍त मात्रा में तरल पदार्थ पीने की जरूरत होती है।

नाक में उंगली डालना

नाक में बार-बार उंगली डालना, बच्‍चों में नाक से खून आने का सबसे आम कारण है। रक्‍त वाहिकाएं जो नाक की झिल्ली (आपकी नाक के बीच मध्य भाग) का सामने का हिस्‍सा है, उसमें सबसे जल्‍दी खून बहने लगता है। इन नाजुक रक्त वाहिकाओं में आघात से आसानी से खून बहने लगता है। बच्‍चों में लगातार नकसीर की समस्‍या खून विकार जैसे हीमोफीलिया का संकेत हो सकता है। हीमोफीलिया एक ऐसी अवस्‍था है जो खून के थक्के बनने की प्रक्रिया को धीमा करता है। चोट लगने के बाद हीमोफीलिया के रोगियों को अन्य मरीजों की तुलना में अधिक समय तक रक्तस्राव होता रहता है।

साइनसाइटिस

साइनसाइटिस, साइनस की सूजन है, जो नाक की झिल्‍ली में सूखापन लाकर नकसीर पैदा कर देती है। यह समस्‍या वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है। साइनसाइटिस की समस्‍या एलर्जी या पर्यावरण में मौजूद धूल-मिट्टी और बढ़ जाती है। साइनसाइटिस के दो प्रकार का होते है। पहला एक्‍यूट और दूसरा क्रोनिक – दोनों में नाक में कंजेशन और नाक से डिस्‍चार्ज जैसी समस्‍याएं शामिल होती है। इन समस्‍याओं को रोकने के लिए आपको बलगम झिल्ली में सूजन को कम करने के उपाय करने होगें। इसके लिए आप सर्दी खांसी की दवा का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

नाक में चोट

किसी दुघर्टना में नाक पर चोट लग जाने से भी नकसीर की समस्‍या बढ़ जाती है। कई बार नाक पर चोट लगने पर दिखाई नहीं देता, लेकिन फिर भी नकसीर होने लगती है। लेकिन अगर चोट लगने के बाद नाक से खून आने की समस्‍या 10 मिनट से अधिक समय तक रहती है और हर दूसरे दिन ऐसी समस्‍या होती है तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा सिर में झटके या गिरावट के कारण होने वाली चोट नकसीर का कारण बन सकती है।

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