Lok Sabha Election 2019 : कन्हैैया कुमार के रहते गिरिराज सिंह के लिए ये चुनाव आसान नहीं

Lok Sabha Election 2019 का बिगुल बज चुका है, उम्मीदवारों के नामों की घोषणा लगभग हो चुकी है। कन्‍हैया कुमार जो की एक युवा नेता है उन्हें इस बार गिरिराज सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए खड़ा किया गया है। ये युवा चेहरा दिखता जितना आम है लेकिन इस युवा के काम मामूली नहीं है। चुनाव के चलते नेता लोग जनता से सिर्फ वोट मांगते हैं लेकिन इस युवा ने वोट के साथ नोट भी मांगे और 28 घंटे में जुटाए 28 लाख रुपये।

बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से इस बार बीजेपी के गिरिराज सिंह और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार को खड़ा किया गया है।

चुनाव लड़ने के लिए काफ़ी धन की ज़रुरत होती है, अगर इतने पैसे की ज़रुरत नहीं होती तो शायद हर कोई चुनाव में खड़ा हो जाता है। प्रधानमंत्री मोदी के उम्मीदवार गिरिराज सिंह की अगर बात की जाये तो साधन-संसाधन में उनका मुकाबला करना मुश्किल है लेकिन उनके साथ मुक़ाबले में खड़े कन्हैया पैसों के मामले में उनका मुक़ाबला नहीं कर सकते। ऐसे में उन्होंने लोगों से वोट के साथ नोट भी मांगे हैं।

हर बार चुनाव में पार्टियां आचार संहिता का उल्लंघन करती है और छुप कर लोगों में पैसा बांटती है मगर इस बार इस युवा ने कुछ नया ही कर दिखाया है। कन्हैया ने लोगों से वोट के साथ नोट भी मांगें हैं। और मज़े की बात तो ये है कि पिछले 28 घंटे में कन्हैया ने 28 लाख रुपये जुटा भी लिए हैं।

कन्हैया की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद से ही कन्हैया ने लोकसभा चुनाव के लिए ऑनलाइन 70 लाख का फंड जुटाने के लिए अपने चुनावी अभियान के साथ-साथ एक समानांतर अभियान भी शुरू कर दिया था, और वो अपने इस मिशन में कामयाब होते नज़र भी आरहें हैं।

पहले सबको यही लगा कि यह अभियान बेगूसराय संसदीय क्षेत्र में ही होगा, लेकिन बाद में कन्हैया ने एक वीडियो जारी किया और ऑनलाइन फंड जुटाने का अभियान शुरू किया गया। बिहार के चुनाव में ‘नोट के साथ वोट’ इससे पहले भी कई नेताओं ने आजमाया है। बता दे कि समाजवादी मधु लिमये हों या जॉर्ज फर्नांन्डिस ये लोग भी वोट के साथ जनता से नोट मांग चुके हैं।

बेगूसराय में क़रीब पौने 5 लाख भूमिहार मतदाता हैं जो बीजेपी के परंपरागत वोटर माने जाते हैं। वहीं 2.5 लाख मुसलमान मतदाता हैं। गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार दोनों ही भूमिहार हैं। यहां यादव मतदताओं की भी बड़ी संख्‍या है। ऐसे में गिरिराज सिंह के लिए ये चुनाव लड़ना आसान नज़र नहीं आता। खुद ही सोचिये जो जनता नोट देने को राज़ी है क्या वो वोट नहीं दे सकती। कहीं ऐसा न हो कि कन्हैया कुमार जिस तरह जनता से नोट हासिल करने में कामयाब हुए हैं उसी तरह वोट हासिल करने में भी कामयाब हो जाये।

नोट: अगर आप के पास इस खबर से जुडी कोई भी वीडियो है तो आप अपने नाम के साथ इस नंबर पर WhatsApp (8766336515) करे |

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