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पीएम नहीं बन सके लेकिन राजनीति में नाम ही काफी है मुलायम सिंह यादव

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तीन बार यूपी के सीएम रहे मुलायम सिंह यादव ने दो शादियां की। मालती देवी से शादी के बाद साल 1973 में मुलायम सिंह के घर उनके इकलौते बेटे अखिलेश यादव ने जन्म लिया। बता दें मालती देवी का 2003 में निधन हो गया था। मुलायम ने दूसरी शादी साधना गुप्ता से की थी। 1988 में मुलायम के दूसरे बेटे प्रतीक यादव ने जन्म लिया।

राजनीति में आने के लिए मुलायम सिंह यादव सबसे ज्यादा राम मनोहर लोहिया से प्रेरित हुए। नेताजी का राजनीतिक सफर बेहद लंबा और शानदार रहा है। मुलायम सिंह ने 1960 में राजनीति में कदम रखा और 1967 में पहली बार विधायक बने। समाजवादी नेता राममनोहर लोहिया के संपर्क में आने के बाद 1967 में उन्होंने संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। साथ ही 1975 में इमरजेंसी के दौरान मुलायम सिंह को जेल भी जाना पड़ा था।




नेताजी का पीएम बनने का सपना भले ही अभी भी अधूरा हो पर उन्होंने सियासी दांव में सभी को पछाड़ा। 1977 में वो यूपी सरकार में पहली बार मंत्री बने,कॉ-ऑपरेटिव और पशुपालन विभाग संभाला। इसके बाद 1980 में उन्होंने लोकदल का अध्यक्ष पद संभाला। यही नहीं उन्होंने 1985-87 में उत्तरप्रदेश में जनता दल का अध्यक्ष पद भी संभाला। 1989 में वो पहली बार सूबे के सीएम बने और 1992 में उन्होंने सपा की स्थापना की। 1993-95 में वो दूसरी बार सीएम बने और 1996 में मैनपुरी से 11वीं लोकसभा के लिए सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री का पद संभाला। 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम ने आजमगढ़ से जीत हासिल की और छठी बार सांसद बने।


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