Republic Day 2019: ना महात्मा गांधी ‘राष्ट्रपिता’ हैं और ना ही भगत सिंह ‘शहीद’

देश का हर एक नागरिक 70वें गणतंत्र दिवस के मौके पर देश को आजाद कराने में भागीदार रहे सभी स्वतंत्रता सेनानियों को याद कर रहा है। कोई गांधी को राष्ट्रपिता के नाम से याद करेगा तो कोई भगत सिंह को शहीद के तौर पर। लेकिन आपको ये जानकर काफी ज्यादा आश्चर्य होगा कि, ना तो गांधी जी को राष्ट्रपिता की उपाधी दी गई है और ना ही भगत सिंह को शहीद की मान्यता प्राप्त है। भारत सरकार से सूचना के अधिकार (आरटीआई) से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों को ही आधिकारिक रूप से दर्जा नहीं दिया गया है।



जानकारी के लिए बता दें, भारत की जनता ने ही महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता और भगत सिंह को शहीद का दर्जा देकर इन दोनों को इस नाम से बुलाते हैं। हरियाणा के मेवात से ताल्लुक रखने वाले राजुद्दीन जंग ने साल 2012 में केंद्र सरकार के पास आरटीआई दाखिल किया था और जानकारी मांगी थी कि, मोहनदास करमचंद गांधी को किन-किन नामों से जाना जाता है ? फिर पीएमओ ने इस आरटीआई को संस्कृति मंत्रालय के पास भेज दिया था और वहां से जानकारी मिली थी कि, महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधी नहीं मिली है। इसके साथ ही सरकारी रिकोर्ड में उनका नाम मोहनदास करमचंद गांधी ही दर्ज है।

इसके साथ ही सरकार भगत सिंह को भी शहीद नहीं मानती और इस बात का भी खुलासा आरटीआई के तहत हुआ था। साल 2013 में गृह मंत्रालय में आरटीआई दाखिल कर जानकारी मांगी गई कि, आखिर भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु को शहीद का दर्जा कब दिया गया था और अगर अभी तक शहीद का दर्जा नहीं मिला है तो इसपर अभी तक क्या काम हुआ है ? इस पर गृह मंत्रालय से जवाब आया कि, इसबारे में अभी कोई सूचना उपलब्ध नहीं है।

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