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OMG: दिवाली से पहले यहाँ पेट्रोल 10 और डीजल हुआ 7 रुपया सस्ता!


केंद्र की मोदी सरकार को इस वक्त सबसे ज्यादा आलोचना पेट्रोल और डीजल के बढ़े दामों की झेलनी पड़ रही है। हालांकि पिछले 13 दिनों में इनकी कीमतों में जरूर कुछ कमी आई है, लेकिन वह आम जनता के लिए नाकाफी है। तेल के बढ़ते दाम के पीछे रुपये का कमजोर होना और डॉलर का बढ़ना एक वजह बताया जा रहा है, लेकिन हमारे पड़ोसी देश श्रीलंका में राजनीतिक संकट के बीच नए पीएम महिंद्रा राजपक्षे ने एक अप्रत्‍याशित कदम उठाते हुए ईंधन की कीमतों में भारी कटौती की घोषणा की है।

महिंद्रा राजपक्षे ने कहा कि पिछली सरकार की “दुर्भाग्यपूर्ण” वित्तीय नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है और जीवन की लागत बढ़ा दी है। राजपक्षे,जो देश के वित्‍त मंत्री भी हैं,आर्थिक राहत उपाय की नई श्रृंखला के तहत पेट्रोल की कीमत में 10 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 7 रुपए प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया है। यह घोषणा ऐसे वक्त पर की गई है जब राजपक्षे की नियुक्ति की संवैधानिक वैधता स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का शिकार है।




वित्‍त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अर्थव्‍यवस्‍था में भारी नुकसान के संबंध में बहुत चिंताएं पैदा हो चुकी हैं, जैसा कि निरंतर निम्‍न विकास दर और बढ़ती जीवन लागत के रूप में दिखाई पड़ रहा है। मंत्रालय ने कहा कि टैक्‍स में कटौती के बावजूद 2018 के बजट लक्ष्‍यों को हासिल कर लिया जाएगा। वित्‍त मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा कि सरकार को भरोसा है कि GDP का 1.8 फिसदी प्राथमिक अधिशेष और GDP के 4.9 फिसदी तक बजट घाटे के लक्ष्‍य को हासिल कर लिया जाएगा, जो आर्थिक स्‍थ‍िरता प्रदान करने के लिए आगे वित्‍तीय एकीकरण का समर्थन करेगी।

राष्‍ट्रपति सिरिसेना ने पिछले शुक्रवार को एक नाटकीय घटनाक्रम में विक्रमसिंघे को हटाकर राजपक्षे को नया पीएम नियुक्‍त किया था। हालांकि विक्रमसिंघे ने अपनी इस बर्खास्‍तगी को स्‍वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि देश का भरोसा उनके साथ है। उनका कहना है कि जब तक वह संसद का समर्थन खो नहीं देते हैं और अपना बहुमत साबित करने के लिए बहुमत परीक्षण के लिए नहीं बुलाए जाते हैं, तब तक उन्‍हें कानूनी रूप से पद से नहीं हटाया जा सकता है।


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