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राहुल अपने राजस्थान के सह प्रभारियों से हुए नाराज, कहा- हमें जीत चाहिए ना की हार…


देश के पांच राज्यों में चुनावी बिगुल बच चुका है और देश की सबसे बड़ी दो पार्टी यानी भाजपा और कांग्रेस दोनों ही टिकट बंटवारे को लेकर कशमकश की स्थिति में फसें हुए है। सही आदमी को टिकट देना ये पार्टी की जिम्मेदारी होती है क्योंकि गलत आदमी को टिकट जाने से पार्टी को सीट तक गंवानी पड़ सकती है। लेकिन इस बात को कांग्रेस के पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी बेखुबी समक्ष रहे हैं।

देखिए किस प्रकार राहुल ने प्रदेश के चार सह प्रभारी तरुण कुमार, देवेंद्र यादव, विवेक बंसल और काजी निजामुद्दीन की ग्राउंड रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है और इनता ही नहीं यहां तक की फटकार लगाते हुए पूछ भी दिया कि आपको राजस्थान में पार्टी को जितवाने के लिए भेजा गया है या हरवाने के लिए?

दो दिन पहले हुई केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की पहली बैठक में ये राहुल ने निर्देश देते हुए सभी सह प्रभारियों से बची हुई 110 सीटों के नए सिरे से पैनल तैयार करने और युवाओं और महिलाओं को पर्याप्त संख्या में प्रतिनिधित्व दिए जाने को कहा हैं।




बता दें कि सभी एक-एक सह प्रभारी को 50 सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। औऱ साथ टिकट बंटवारे पर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने के लिए भी निर्देश दिए गए थे। लेकिन सीईसी की मीटिंग में चारों सहप्रभारियों ने जो ग्राउंड रिपोर्ट दी, उसमें और स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट में काफी अंतर था। जानकारी के मुताबिक सह प्रभारियों की रिपोर्ट में कई आपराधिक आरोप वाले लोगों और पैराशूट प्रत्याशियों के नाम की सिफारिश की गई थी।

राहुल ने अपने सह प्रभारियों को दूसरों पर निर्भर रहने पर भी चेताया। बता दें राहुल को जानकारी मिली थी कि उनके सह प्रभारी खुद के बजाय अपने रिश्तेदार विधायक से पूरा काम करवा रहे है। औऱ ऐसे लोगों को लिस्ट में शामिल किया गया जो कि पिछले पांच साल में पार्टी के लिए कोई काम नहीं कर रहे थे। जहां इस पर राहुल नाराज दिखे तो एक नई लिस्ट की मांग भी की।

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