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हुआ खुलासा, तो इस वजह से राहुल ने ज्योतिरादित्य और सचिन को नहीं बनाया सीएम

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राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मिली जीत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बहुत ही ज्यादा उत्साहित होंगे साथ ही उनका मनोबल भी काफी ज्यादा बढ़ा हुआ होगा. दरअसल, तीनों ही राज्यों में बीजेपी सत्ता में थी और फिर देश में भी बीजेपी की सरकार है, तो ऐसे में बीजेपी को सत्ता से बाहर करना राहुल के लिए ये एक बड़ी बात थी. चुनाव के परिणाम के बाद कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि किसे मुख्यमंत्री बनाया जाए ?

ऐसा इसलिए क्योंकि जहां मध्यप्रदेश में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों ही बड़े नेताओं ने कांग्रेस को राज्य की सत्ता में वापस लाने के लिए कड़ी मेहनत की थी. ऐसे में राहुल के सामने ये चुनौती थी कि अगर युवा ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम बनाया जाए तो अनुभवी कमलनाथ पार्टी से नाराज हो सकते हैं और अभी पार्टी को लोकसभा चुनाव में बेहतर करने के लिए अनुभवी नेताओं के अनुभव की बहुत ही ज्यादा जरुरत है.

इस वजह से राहुल ने ज्योतिरादित्य सिँधिया से ज्यादा कमलनाथ को तरजीह दी और उनको मुख्यमंत्री बनाया. इसके बाद राजस्थान में भी ऐसा ही मामला देखने को मिला. राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत और पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट के बीच मुख्यमंत्री की रेस थी. लेकिन यहां भी राहुल ने अनुभवी नेता अशोक गहलोत को राज्य का मुख्यमंत्री चुना. हालांकि सचिन पायलट को डिप्टी सीएम का पद दिया गया है. लेकिन राहुल ने जिस प्रकार से अपने पुराने नेताओं पर भरोसा जताया है उससे पता चलता है कि आने वाले चुनाव में राहुल इन नेताओं के अनुभव से बहुत कुछ सिखना चाहेंगे.

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