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प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री पर रामगोपाल यादव ने सपा-बसपा गठबंधन पर दिया ये बयान

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प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री पर रामगोपाल यादव ने सपा-बसपा गठबंधन पर दिया ये बयान

एटा के एक कार्यक्रम में शामिल होने आए सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि प्रियंका गांधी के राजनीति में आने से सपा-बसपा गठबंधन को कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि फायदा ही होगा। रामगोपाल ने कहा कि कोई पार्टी किसी को भी कोई भी पद दे सकती है। प्रियंका को यदि महासचिव बनाया गया है तो हैरत की कोई बात नहीं है।

प्रियंका गांधी के राजनीति में आने से जहां यूपी भर में कांग्रेसियों का हौसला बढ़ा हुआ है वहीं विरोधी दलों के नेताओं ने इसे खासी तवज्जो नहीं दी है। सपा, बसपा, बीजेपी ने इस पर कोई खास बयान नहीं दिए और इसे कांग्रेस का अंदरुनी मामला बताया है।

बता दें कि कांग्रेस प्रियंका के सहारे लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी में जोर-शोर से जुट गई है। यूपी पर कांग्रेस का सबसे अधिक फोकस है। यही वजह है कि कांग्रेस दिल्ली की बजाय लखनऊ में 4 फरवरी को प्रियंका को चार्ज दिलवाएगी। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे।

खबर ये भी है कि प्रियंका गांधी, मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से चुनाव लड़ सकती हैं। रायबरेली को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है।

यूपी में सपा-बसपा का गठबंधन होने और उसमें कांग्रेस को शामिल ना किये जाने के बाद उभरे समीकरणों में प्रियंका गांधी का अचानक पूर्वी यूपी का प्रभारी बनना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

साल 2004 के लोकसभा चुनावों में पूर्वांचल से भाजपा और कांग्रेस के हिस्से में दो-दो सीटें आई थीं। इसके बाद हुए 2007 में हुए विधान सभा चुनावों कांग्रेस के खाते में सिर्फ़ दो सीटें आई थीं। साल 2009 में हुए लोकसभा चुनावों में पूर्वांचल से कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं थीं।

साल 2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर के बावजूद वोटिंग प्रतिशत के हिसाब से कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था। लेकिन फिर भी उसे पूर्वी यूपी में कोई सीट हासिल नहीं हुई थी। कांग्रेस पूरे यूपी से अमेठी और रायबरेली के अलावा कोई लोकसभा सीट नहीं जीत पाई थी।

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