सुप्रीम कोर्ट का आदेश जांच में सहयोग करें कमिश्नर राजीव कुमार

कोलकाता में 3 फरवरी की शाम को शुरू हुआ CBI बनाम ममता बनर्जी लड़ाई का मामला आज भी जारी है। इसी मसले पर आज सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को जांच में सहयोग करने और CBI के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आखिर राजीव कुमार को CBI के सामने पेश होने में दिक्कत क्या है? हालांकि तीन जजों की बेंच ने साफ किया कि राजीव कुमार की गिरफ्तारी नहीं होगी। राजीव कुमार को मेघालय के शिलांग में CBI के समक्ष एक तटस्थ स्थान पर पेश होना होगा।



धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने इस फैसले के बाद कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। नैतिक तौर पर ये हमारी जीत है। राजीव कुमार ने कभी नहीं कहा कि वो जांच में सहयोग नहीं करेंगे। CBI बिना नोटिस के राजीव कुमार के आवास पहुंची। जनता के अलावा देश का कोई बॉस नहीं है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने कहा कि हम पुलिस आयुक्त को खुद को उपलब्ध कराने और पूरी तरह से सहयोग करने का निर्देश देंगे। हम बाद में अवमानना याचिका से निपटेंगे।

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