मध्य प्रदेश के उज्‍जैन में इस व्यक्ति ने आयोजित किया भैंसे का श्रद्धांजलि कार्यक्रम

मध्य प्रदेश के एक गांव में अनोखा श्रद्धांजलि कार्यक्रम, कार्यक्रम के लिए बांटे गए कार्ड

उज्‍जैन- मध्य प्रदेश के उज्‍जैन में इन दिनों एक अनोखा श्रद्धांजलि कार्यक्रम चर्चा में है। दरअसल यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम किसी इंसान का नहीं बल्कि एक भैंसे का है। बैतूल गांव में रहने वाले मुसरु नाम के एक मजदूर ने इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया है। मुसरु ने इस कार्यक्रम के लिए कार्ड भी छपवाएं है और आस-पास के गांवों में भी कार्ड बांटे है और सभी को इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आने के लिए निवेदन किया है। मुसरु इस कार्यक्रम को पूरे रीति रिवाज से करना चाहता है। तेरहवीं के कार्यक्रम में सभी रीति-रिवाज निभाए जाएगें और खाना भी बनेंगा।

एक मजदूर से मुझे बनाया किसान- मुसरु

भैंसे के मालिक का कहना है कि वह भैंसा उसके लिए बहुत खास था। उस भैंसे के कारण कई सालों से उसके परिवार का पालन-पोषण हो रहा था। भैंसे के मालिक का तो ये भी कहना है कि उस भैंसे ने उसे अमीर बना दिया था। मालिक ने बताया पहले उसके परिवार की आर्थिक हालत बहुत खराब थी। पहले वो मजदूरी करता था। फिर उसने एक भैंसा खरीद लिया और उसकी किस्मत खुल गई। भैंसे के आने के बाद उसे फायदा होता गया और वो मजदूर से किसान बन गया। भैंसा आने के बाद उसने खेतीबाड़ी करने की सोची। कुछ समय बाद वह खेतीबाड़ी करने भी लगा और उसे इसमें बहुत फायदा हुआ।

23 सालों से मुसरु के साथ था ‘राजाजी’

खेतीबाड़ी में फायदे से खुश होकर मालिक मुसरु यादव ने भैंसे का नाम राजाजी रख दिया। आपको बता दें कि भैंसा 23 सालों से मुसरु यादव के पास था। मुसरु के साथ-साथ गांववालों को भी राजाजी के जाने का बहुत दुख है। गांववालों का राजाजी पर कहना है कि राजाजी सच में मुसरु के लिए बहुत लक्की था। उसी की वजह से मुसरु की आर्थिक हालत सुधरी थी। मुसरु ने पशु प्रमी की एक नई मिसाल कायम की है।

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