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रोचक तथ्य

उत्तराखंड का ‘लोहाघाट’ है इतना खूबसूरत जिसे देख अंग्रेज भी रह गए थे हैरान, जानें

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उत्तराखंड सैलानियों के बीच पॉप्युलर डेस्टिनेशन है, लेकिन जब बात घूमने की आती है तो टूरिस्टों के दिमाग में भी सिर्फ चकराता, नैनीताल, देहरादून, चोपता, ऑली, आदि जगहें ही आती हैं, जबकि उत्तराखंड में कई ऐसी गुप्त जगहें हैं, जो अभी भी टूरिस्टों से अछूती-सी ही हैं।

यानी अन्य जगहों के मुकाबले इन गुप्त जगहों की तरफ कम ही टूरिस्ट रुख करते हैं। हालांकि ये जगहें हैं बड़ी खूबसूरत। इनकी खूबसूरती और यहां के पर्यटन स्थलों के बारे में जान कोई भी हैरान रह जाएगा। उत्तराखंड में ऐसी ही एक जगह है लोहाघाट।

लोहाघाट भले ही एक पॉप्युलर डेस्टिनेशन न हो, लेकिन आप यहां के लिए अपनी ट्रिप प्लान कर सकते हैं। लोहाघाट के सौंदर्य का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक बार नैनीताल के खोजकर्ता और चीनी व्यापारी पी बैरोन जब यहां आए थे तो उन्होंने कहा था, ‘कश्मीर क्यों जाया जाए अगर इस दुनिया में कहीं स्वर्ग है तो वह यहां लोहाघाट में है।

लोहाघाट उत्तराखंड के चंपावत जिले में लोहावती नदी के किनारे स्थित है और यह मंदिरों के लिए खासा मशहूर है। इस जगह से जुड़ी कुछ धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यताएं हैं जो इसे टूरिस्टों के बीच आकर्षण का केंद्र बनाती हैं। खास बात यह है कि लोहाघाट के आसपास कई पॉप्युलर टूरिस्ट स्पॉट्स हैं, जैसे कि श्यामला ताल, देवीधुरा, गुरुद्वारा रीठा साहिब, एबॉट माउंट, वाणासुर का किला, मायावती (अद्वैत) आश्रम और फोर्टी विलेज।

कैसे पहुंचें लोहाघाट:

हवाई यात्रा के ज़रिए:

लोहाघाट का सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट पंतनगर हवाईअड्डा है जोकि शहर से 182 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। लोहाघाट जाने के लिए पंतनगर से कैब या फिर टैक्सी किराए पर ली जा सकती है।

सड़क मार्ग के ज़रिए:

अगर आप सड़क मार्ग के ज़रिए जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको ज़्यादा दिक्कतों को सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि लोहाघाट अन्य जगहों से सड़कों के ज़रिए कनेक्टेड है। यहां के लिए दिल्ली के आनंद विहार बस स्टैंड से भी बसें जाती हैं जोकि आपको या तो लोहाघाट या फिर टनकपुर उतारेंगी।

रेल मार्ग के ज़रिए:

लोहाघाट का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन टनकपुर है, जोकि लोहाघाट से 87 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां पहुंचकर आप अपने डेस्टिनेशन के लिए कैब या फिर टैक्सी बुक कर सकते हैं।

लोहाघाट जाने के लिए सही समय:

यहां सालभर खुशनुमा मौसम रहता है और आप किसी भी महीने जा सकते हैं, लेकिन गर्मियों और सर्दियों का वक्त ज़्यादा सही रहेगा। लोहाघाट में गर्मियों का सीजन अप्रैल से जून तक रहता है, जबकि इसके बाद बारिश शुरू हो जाती है। बेहतर होगा कि गर्मियों मे आप अप्रैल से जून के बीच ही लोहाघाट का टूर प्लान करें।

बात करें सर्दियों की, तो लोहाघाट में सर्दियां अक्टूबर से शुरू होकर मार्च के आखिर तक रहती हैं। इस दौरान यहां का तापमान 2 डिग्री से 10 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

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नोट: अगर आप के पास इस खबर से जुडी कोई भी वीडियो है तो आप अपने नाम के साथ इस नंबर पर WhatsApp (8766336515) करे |

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