वाराणसी पुल हादसा- करीब 15 की मौत, चीफ मैनेजर सहित चार अधिकारी निलंबित

                  वाराणसी पुल हादसे पर योगी सरकार के सख्त कदम, 4 अधिकारी सस्पेंड

नई दिल्ली। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर का हिस्सा गिर गया है। यह घटना इतनी भयानक थी की इसके नीचे करीब 50 लोगों से ज्यादा के दबे होने की आशंका जताई जा रही थी। अब खबर है कि पुल गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई। वहीं 11 की हालत गंभीर है।क्षतिग्रस्त वाहन हटा लिए गए हैं।

योगी सरकार का एक्शन-

इतने बड़े हादसे को लेकर लोगों में शोक और आक्रोश दोनों है।योगी सरकार ने भी सख्ती से कदम उठाते हुए चीफ मैनेजर समेत चारा लोगों को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही जांच कमेटी गठित कर 48 घंटें के अंदर रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि कल जब सभी कर्नाटक में चुनावी नतीजों के दांव-पेच में फंसे हुए थे तभी वाराणसी में शाम 4 बजे के आजपास के वाराणसी-इलाहाबाद की ओर से जाने वाले राजमार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर गिर गया।

कैसे हुआ हादसा-

ओवरब्रिज के नीचे भारी ट्रैफिक थी। पुल गिरने से आपाधापी में 15 लोग मौत का शिकार हो गए।ओवरब्रिज गिरने से अफरा-तफरी मच गई।हादसे के पल के जो स्लैब गिरे वह फरवरी में रखे गए थे। 129 करोड़ थी ब्रिज की लागत, 2061 मीटर ब्रिज की लंबाई थी। लगातार आवाजाही के बावजूद कराया जा रहा था निर्माण। 2015 में शुरू हुआ था निर्माण। 2019 मार्च को होना था पूरा निर्माण।

हादसे के बाद सीएम आदित्यनाथ ने दुख जताया है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। साथ ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री नीलकंठ तिवारी को तत्काल रूप से वाराणसी पहुंचने के आदेश भी दिए हैं। जानकारी के मुताबिक NDRF की 2 टीमों को वाराणसी के लिए रवाना किया गया है जबकि एक टीम पहले ही घटनास्थल पर पहुंच गई है। उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है।

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