क्यों ख़ास है वोटिंग के दौरान उंगली पर लगायी जाने वाली स्याही!

चुनाव के दौरान इस्तेमाल करी जाने वालीं चीज़ों में से एक ज़रूरी चीज़ होती है, वोटिंग के बाद उंगली में लगायी जाने वाली स्याही। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ये स्याही बेहद ख़ास होती है जो आसानी से हर जगह नहीं मिलती है।

कहां से आती है ये स्याही : भारत में सिर्फ दो कंपनियां हैं जो वोटर इंक बनाती हैं। ये इंक हैदराबाद और मैसूर में स्थित देश की सिर्फ दो कंपनियां ही सप्लाइ करती हैं। हैदराबाद के रायडू लैब्स और मैसूर के मैसूर पेंट्स ऐंड वॉर्निश लिमिटेड ही वो कंपनियां हैं जो ये इंक बनाती हैं।

स्याही से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातें : कंपनियों के परिसर में इंक बनाने के दौरान स्टाफ और अधिकारियों को छोड़कर किसी को भी आने जाने की इजाज़त नहीं होती है। बता दें कि वोटिंग में इस्तेमाल होने वाली इंक में सिल्वर नाइट्रेट होता है जो अल्ट्रावॉइलट लाइट पड़ने पर स्किन पर ऐसा निशान छोड़ता है जो मिटता नहीं है। यही वजह है कि जब आपके नाखून पर इस इंक का निशान लगाया जाता है फिर वो एक हफ़्ते बाद ही मिटता है। साल 2014 में हुए चुनावों में चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने सिल्वर नाइट्रेट की मात्रा 20-25 प्रतिशत बढ़ा दी थी जिससे इंक का निशान लंबे टाइम तक मौजूद रहे। ये दोनों कंपनियां 25,000-30,000 बोतलें हर दिन बनाती हैं और इन्हें 10 बोतलों के पैक में रखा जाता है। क्या आप जानते हैं हैदराबाद की स्याही तेलंगाना में इस्तेमाल नहीं हो सकती, क्योंकि अपने राज्य में आप इस इंक को सप्लाइ नहीं कर सकते है।

नोट: अगर आप के पास इस खबर से जुडी कोई भी वीडियो है तो आप अपने नाम के साथ इस नंबर पर WhatsApp (8766336515) करे |

नोट: अगर आप के पास इस खबर से जुडी कोई भी वीडियो है तो आप अपने नाम के साथ इस नंबर पर WhatsApp (8766336515) करे |