70वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को ही क्यों मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया? जानिए

देश आज अपना 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, काफी लंबे इंतजार के बाद 26 जनवरी 1950 में देश को अपना संविधान मिला था, उसी दिन से देश हर वर्ष गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी दिल्ली के राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रीय ध्वज फहराया और इसी के साथ देश के शहीद जवानों को श्रद्धांजली देकर परेड की शुरुआत की।

इस वर्ष परेड के मुख्य अतिथि दक्षिण अफ्रिका के राष्ट्रपति सायरिल रामफोसा हैं। रामाफोसा दक्षिण अफ्रिका के दूसरे राष्ट्रपति हैं जो इस बार राजपथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट शिरकत करेंगे। क्या आप जानते हैं कि इस बार के गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में रामाफोसा को ही बतौर चीफ गेस्ट क्यों बुलाया गया?



दरअसल देश इसी साल राष्टपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंन्ती मना रहा है। रामफोसा को महात्मा गांधी का समर्थक माना जाता हैं। दक्षिण अफ्रिका से महात्मा गांधी के घनिष्ठ संबंध थे। दक्षिण अफ्रिका के पहले राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला को सन 1995 में गणतंत्र दिवस के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया था। और इस बार राष्ट्रपिता गांधी जी की 150वीं जयंति के अवसर पर दक्षिण अफ्रिका के दूसरे राष्ट्रपति सायरिल रामफोसा को परेड के मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया है।

पीएम मोदी भी खुद यह जाहिर कर चुके हैं महात्मा गांधी के 150वीं जयंती और 70वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सायरिल रामफोसा का चीफ गेस्ट के रूप में स्वागत करना हमारे लिए फक्र की बात है, क्योंकि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रिका से बहुत करीबी और घनिष्ठ संबंध रह चुके हैं।

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