दो दुश्मनों की सिंगापुर में हुई ऐतिहासिक शिखर वार्ता का क्या है राज जानिए खबर

उत्तर कोरिया का तानाशाह परमाणु परिक्षण करेंगा कम

नई दिल्ली:   संबंधो को मजबूत बनाने के लिये अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किंग जोंग-उन के बीच स्थाई और मजबूत शांति के लिये व्यापक और ईमानदार विचारों के साथ की है ।

ट्रम्प ने उत्तर कोरिया को सुरक्षा देने का वादा किया किम जोंग ने परमाणु निशस्त्रीकारण के प्रति प्रतिबध्दता जताई है। इन नए संबंधों से कोरियाई प्रायव्दीप और दुनिया में शांति और समृध्दि में योगदान मिलेगा। अमेरिका और उत्तर कोरिया दोनों देशों के लोगों की इच्छा के अनुसार शांति और समृध्दि तथा अच्छे संबंध के लिए प्रतिबध्द है।दोनों देश कोरियाई प्रायव्दीप में स्थायी और दीर्धकालिक शांति के लिए प्रयास करेंगे। परमाणु साइट को बंद कर उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया है।

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच इतिहास में पहली बार शिखर वार्ता हुई है। ऐसा दोनों के बीच दशकों से चले आ रहे तनाव और शत्रुता को भुला कर नए भविष्य की शुरूआत के लिए किया गया है। ट्रंप और किम इस समझौते को जल्द लागू करेंगे, जल्द ही अमेरिकी विदेश सचिव, माइक पोंपियो और उत्तर कोरिया के अधिकारी बैठक करेंगे। ट्रंप और किम नए संबंधों के विकास, सहयोग, शांति, समृध्दि और दुनिया व कोरियाई प्रायव्दीप की सुरक्षा के लिए वचनवध्द हैं।

अमेरिका ने वार्ता के लिए सिंगापुर से उधार मांगी ये चीज

दि स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार किम जोंग और ट्रंप के बीच में हुई शिखर वार्ता के लिए अमेरिकी दूतावास को यह मेज उधार दी। इसे अक्सर सिंगापुर नेशनल गैलरी की तीसरी मंजिल पर बने मुख्य न्यायाधीश के चैंबर में रखा जाता है। 1963 में सिंगापुर के पहले एशियाई CJ की नियुक्ति समेत इतिहास के कई पल देखे।

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